KIIFB की 31,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं आगे बढ़ा रही केरलम सरकार, मुख्यमंत्री सतीशन का दावा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 28, 2026

केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के इस आरोप को खारिज कर दिया कि केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) की परियोजनाओं को जानबूझकर बाधित किया गया है या रोक दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार इस संगठन द्वारा शुरू किए गए 31,000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को आगे बढ़ा रही है। सतीशन ने यह भी दावा किया कि केआईआईएफबी द्वारा लिए गए कर्ज ने राज्य को आर्थिक संकट में धकेल दिया है।

इन नीतियों में केरलम की कर्ज लेने की सीमा में कटौती भी शामिल है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन द्वारा विपक्षी विधायकों के. एन. बालगोपाल और जी. आर. अनिल के स्थगन प्रस्ताव को अनुमति देने से इनकार किए जाने के बाद सदन से बहिर्गमन के दौरान यह बात कही। विपक्षी विधायकों ने दावा किया था कि केआईआईएफबी की विभिन्न परियोजनाएं रोक दी गई हैं या उनकी प्रगति बाधित हुई है और उन्होंने इसके कामकाज के खिलाफ विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग की थी।

अपने संबोधन में विजयन ने इस रिपोर्ट को प्रतिगामी करार दिया और कहा कि समिति ने केआईआईएफबी के कामकाज का विश्लेषण मुनाफे पर केंद्रित व्यावसायिक इकाइयों के पैमाने पर किया है। मार्क्सवादी नेता ने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च किया गया धन मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण में निवेश है। उन्होंने कहा, केआईआईएफबी को बंद करने से बुनियादी ढांचे के विकास की 1,500 परियोजनाएं समाप्त हो जाएंगी।

मैं सरकार और मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वे इसे मुनाफा कमाने के नजरिये से न देखें, क्योंकि यह जनकल्याण में निवेश है। इससे पहले, सतीशन ने नोटिस पर चर्चा करने से इनकार करते हुए दावा किया कि केआईआईएफबी ऋणों के पुनर्भुगतान के कारण सरकारी खजाने से धन बाहर चला गया, जो करदाताओं के पैसे की लूट के समान है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी।

उन्होंने विपक्ष के आरोपों को ‘निराधार’ बताते हुए कहा कि केआईआईएफबी द्वारा शुरू किए गए कार्यों के साथ-साथ उन परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिनके लिए अब तक कोई समझौता या अनुबंध नहीं हुआ है। इन सभी की कुल लागत 31,000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं और अन्य ऐसी परियोजनाओं के लिए केआईआईएफबी द्वारा लिया जाने वाला कर्ज (जिन्हें एलडीएफ सरकार के दौरान मंजूरी दी गई थी) सरकार पर 70,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालेगा।

सतीशन ने दावा किया, इससे राज्य की कर्ज लेने की सीमा और कम हो जाएगी, जो पहले ही पिछले वर्ष की तुलना में 12,000 करोड़ रुपये घट चुकी है। इसकी वजह केआईआईएफबी द्वारा लिया गया कर्ज है।

प्रमुख खबरें

Narendra Modi देश के सर्वोच्च सम्मान Bharat Ratna के हकदार, सांसद Vikramjit Singh Sahney ने की वकालत

Cyclone Arnab के असर से Chhattisgarh में तेज बारिश, रायपुर समेत 12 जिलों में स्कूल बंद

England के James Anderson अब Italy में खेलेंगे Cricket, Napoli Knights के बने कप्तान

पंजाबी बाग में तेज रफ्तार DTC इलेक्ट्रिक बस की टक्कर से बाइक सवार 22 वर्षीय सोनू की मौत