Kerala में बारिश का कहर, भारी मानसूनी वर्षा से 25 लोगों की मौत और 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 05, 2026

तिरुवनंतपुरम, चार अगस्त केरल में एक अगस्त से जारी मूसलाधार बारिश से संबंधित घटनाओं में 25 लोगों की मौत हो गयी जबकि चार लोग लापता बताये जा रहे और 10 अन्य लोग घायल हुए हैं। राज्य सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार ने बताया कि भारी बारिश के कारण हजारों लोगों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि के दौरान राज्य में सामान्य से लगभग तीन गुना अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग ने बताया कि एक से चार अगस्त के बीच केरल में सामान्य 73.2 मिलीमीटर (मिमी) के मुकाबले 205.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक है। केरल के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है।

इसके अलावा, मौसम विभाग ने चार जिलों अलप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा अन्य दो जिलों तिरुवनंतपुरम व कोल्लम में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इससे पहले, विभाग ने बताया कि मंगलवार को सुबह 5:30 बजे समाप्त हुए 21 घंटों के दौरान उत्तरी जिलों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। बारिश जारी रहने से अलप्पुझा, पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले तथा नदी के तटीय इलाके अब भी जलमग्न हैं, जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इस आपदा में लोगों के अहम दस्तावेज और बच्चों की स्कूल की किताबें भी बह गई हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि बाढ़ में गुम हुए दस्तावेज को दोबारा बनवाने के लिए विशेष अदालतें लगाई जाएगीं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री मिले। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने फिलहाल प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25,000 रुपये मंजूर किए हैं और कई स्वयंसेवी संगठन उन घरों की सफाई में मदद के लिए आगे आए हैं जहां पानी घुस गया था।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें बिना किसी देरी के वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। आईएमडी ने आज (चार अगस्त) के लिए राज्य के 12 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और दो जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था। आईएमडी के अनुसार कासरगोड के बायार में तीन अगस्त तड़के तीन बजे से आधी रात तक राज्य में सबसे अधिक 121.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

कासरगोड के ही मुलियार में 81 मिलीमीटर, कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोझिकोड के उरुमी में 65 मिलीमीटर बारिश हुई। कन्नूर के चेरुवंचेरी और कासरगोड के आरएआरएस पिलिकोड में 59.5-59.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

वहीं एर्णाकुलम के नेरियामंगलम में 59 मिलीमीटर बारिश हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर मंगलवार सुबह चेतावनी के निशान से ऊपर बना हुआ है, हालांकि पानी का स्तर अब कम हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे मुवाट्टुपुषा नदी का जलस्तर 11.60 मीटर पर दर्ज किया गया, जो 10.92 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर और 11.93 मीटर के खतरे के निशान के करीब है।

उन्होंने कहा कि जलस्तर घट रहा है। तोडुपुषा नदी में सुबह आठ बजे जलस्तर 11.50 मीटर दर्ज किया गया। इस नदी का चेतावनी स्तर 10.78 मीटर और खतरे का निशान 11.79 मीटर है।

इस बीच, कलियारा नदी 12.26 मीटर पर बह रही थी, जो इसके चेतावनी स्तर 13.10 मीटर और खतरे के स्तर 14.10 मीटर से नीचे है। इन नदियों का जलस्तर भी कम हो रहा है। अधिकारी नदियों पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।

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