By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
तिरुवंनतपुरम, चार अगस्त केरल सरकार ने एक अवर सचिव को जेल में बंद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद को शहर निकाय की बैठकों में शामिल होने के लिए पैरोल देने से जुड़ी फाइल पर कार्यवाही करने के दौरान अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई। तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षद आर. सुगातन को केरल असामाजिक गतिविधि निवारण अधिनियम (कापा) के तहत एहतियान हिरासत में रखा गया है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह निलंबित होने वाली पहली केएएस अधिकारी हैं। केएएस की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह कार्रवाई तिरुवनंतपुरम नगर निगम के वाझोट्टुकोनम वार्ड के भाजपा पार्षद सुगातन को छह महीने का पैरोल दिए जाने पर हुए विवाद के बाद की गई है।
सुगातन अभी कापा के तहत जेल में बंद है। इस बीच, मुख्य विपक्षी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने मंगलवार को कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार पर पार्षद सुगातन को अयोग्य घोषित होने से बचाने के लिए भाजपा के साथ ‘साठगांठ’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘लोगों को उस असाधारण ‘चिंता’ को समझना चाहिए जो सरकार ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के नेताओं के समर्थन से एक भाजपा पार्षद को बचाने के लिए दिखाई है।’’ शिवनकुट्टी ने आरोप लगाया कि ‘‘व्यस्थित तरीके से गैर-कानूनी काम’’ करने के बाद, सरकार अब स्थानीय स्व-शासन विभाग में केवल अवर सचिव को निलंबित करके और उन्हें बलि का बकरा बनाकर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।