By अंकित सिंह | Aug 04, 2024
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार अयोध्या सामूहिक बलात्कार मामले में एक्शन में है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कड़ी की जा रही है। वहीं, भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। जबकि भाजपा इस मामले में पहचाने गए आरोपियों में से एक मोइद खान, जो कि सपा का सदस्य माना जाता है, के खिलाफ कथित निष्क्रियता के लिए सपा पर निशाना साध रही है, वहीं अखिलेश यादव के नेतृत्व वाले संगठन ने भी इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भगवा पार्टी की आलोचना की है।
इस बीच, सपा नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने मौर्य के ट्वीट पर जोरदार पलटवार किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, यादव ने मौर्य के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, "मैं अयोध्या के घटना की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं व साथ ही श्री पवन पांडेय द्वारा किए गए नार्को टेस्ट की मांग का समर्थन भी करता हूं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संवदेनशील विषयों पर घटिया राजनीति कौन कर रहा है।”
गौरतलब है कि इससे पहले दिन में भी इटावा में पत्रकारों से बात करते हुए शिवपाल यादव ने यही मांग की थी। उन्होंने कहा, ''पीड़ित और आरोपी का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए।'' उन्होंने यह भी कहा कि यही परीक्षण भाजपा नेता और "मुद्दे का राजनीतिकरण करने वालों" पर भी किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब शनिवार को सपा मुख्यालय से जारी एक बयान में अखिलेश यादव ने कहा था, ''अयोध्या के भदरसा मामले में डीएनए टेस्ट के बिना बीजेपी का आरोप पक्षपातपूर्ण माना जाएगा।''