By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 27, 2023
न्यूयॉर्क। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने गुरुपर्व के अवसर पर न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में एक गुरुद्वारे में अरदास की। गुरुद्वारे में खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने उनके साथ धक्का-मुक्की की लेकिन सिख समुदाय के सदस्यों ने उन्हें बाहर निकाल दिया। संधू ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, लॉन्ग आइलैंड के गुरु नानक दरबार में अफगानिस्तान की संगत सहित स्थानीय संगत के साथ गुरुपर्व मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान कीर्तन सुना, गुरु नानक के एकजुटता, एकता और समानता के शाश्वत संदेश के बारे चर्चा की, लंगर में शामिल हुआ और सभी के लिए आशीर्वाद मांगा। खालिस्तानियों के विरोध की आशंका के बीच संधू का हिक्सविले गुरुद्वारे में गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
संधू ने सिख गुरुओं, सिखों और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक संपर्कों के बारे में भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि अफगान सिखों ने दिखाया है कि प्रतिकूल स्थितियों का सामना कैसे करना है। संधू ने उल्लेख किया कि तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा कर लेने के बाद अगस्त 2021 में सिख धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के तीन ‘सरूप’ काबुल से दिल्ली लाए गए थे। संधू के साथ खालिस्तान समर्थकों द्वारा धक्का-मुक्की करने की घटना के प्रसारित वीडियो के अनुसार, गुरुद्वारे में भ्रमण के दौरान कुछ खालिस्तान समर्थकों ने संधू को घेर लिया और इस वर्ष जून में कनाडा में मारे गए खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर के बारे में सवाल किए। इससे पहले, संधू ने एक अलग पोस्ट में कहा कि उन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क में श्री गुरु रविदास मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास के प्रसिद्ध ‘शबद’ में गुरु नानक देव जी का समानता और सभी के एक होने का संदेश है।