By दिव्यांशी भदौरिया | May 30, 2026
इस समय पूरे भारत में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरु हो चुकी है। बच्चे समर वेकेशन को अच्छे से एन्जॉय कर रहे हैं, साथ ही मोबाइल भी सबसे ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। तेज गर्मी और लू कारण बच्चे धूप में नहीं निकालते हैं। जिससे बच्चे दिनभर मोबाइल, टीवी और अन्य गैजेट में लगे रहते हैं, ऐसा करने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक हेल्थ पर असर पड़ता है। इसलिए छोटी-छोटी एक्टिविटी के जरिए बच्चों को बिजी रखा जा सकता है। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कैसे बच्चों को तनावमुक्त रखें।
घर में रहकर बच्चों के लिए कई तरह की रचनात्मक एक्टिविटी की जा सकती है। इस आर्टिकल में हम बच्चों की शारीरिक गतिविधियों की बात कर रहे हैं, जिससे वे शारीरिक रूप से एक्टिव रहें। अगर शरीर स्वस्थ रहेगा तो उनका मन भी प्रसन्न रहेगा।
इनडोर गेम्स
भीषण गर्मी में बाहर जाने से अच्छा है कि आप घर में ही रस्सी कूद सकते हैं, डांस या स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटी कर सकते हैं। आस-पास के पड़ोस के बच्चे हो, तो उन्हें बुलाकर घर के ही अंदर कैरम, लूडो, चेस, सुडोकू, सांप-सीढ़ी, डांस, इनडोर बालिंग, ट्रेजर हंट, इनडोर बास्केटबाल और बैलून वालीबाल जैसे इनडोर गेम्स खेले जा सकते हैं।
सुबह की सैर
गौरतलब है कि दिन में धूप रहती है, इसलिए अपने बच्चों को सुबह पार्क में जरुर ले जाएं। सुबह-सुबह स्वच्छ और ताजी हवा होती है, मॉर्निंग वॉक करने से मन की सुकून और शांति प्राप्त होता है। घर के आने के बाद 15-20 मिनट योग एक्सरसाइज कर सकते हैं। ऐसा करने से बच्चों का मन पूरे दिन शांत रहेगा।
साइक्लिंग
जब शाम के समय धूप कम हो जाएं, तो आप बच्चों को पार्क में साइक्लिंग करवाएं या बच्चों के दोस्तों के साथ साइक्लिंग करवा सकते हैं। असल में यह एक एरोबिक व्यायाम है, जिससे रात में उन्हें अच्छी नींद आएगी। तनावमुक्त नींद आना बड़ा सुकून देता है।
क्या खिलाएं-पिलाएं?
- अक्सर गर्मियों में बच्चे पानी कम पीते है इसलिए उन्हें ओआरएस या नींबू मिलाकर पानी जरुर दें।
- दिन में बच्चों को छाछ, आम पन्ना, सत्तू का शरबत और तरबूज का जूस दे सकते हैं। इससे वे पूरा दिन ऊर्जावान बनें रहेंगे।
- इस मौसम में बच्चों के लिए सबसे फायदेमंद है मौसमी फल जैसे कि आम, स्ट्राबेरी, खरबूजा और केला। यदि आप चाहे तो बच्चों को ओट्स में केला, दूध या दही मिलाकर खिला सकती हैं।
- असल में यह जल्दी पच जाता है और पेट को ठंडा रखता है। दही में प्रोबायोटिक्स होता है, जो बच्चों के पाचन तंत्र के लिए लाभकारी हो सकता है।
इन चीजों से परहेज करता है
इस बात का ध्यान रखे कि दोपहार 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बच्चों का बाहर बिल्कुल न भेजें। बाहर का जंक फूड का सेवन न करने दें। इतना ही नहीं, चिप्स, चाकलेट, पैटिस, बर्गर, पास्ता, पिज्जा के खाने से बच्चों के पेट में जलन हो सकती है। क्योंकि ये आहार सुपाच्य नहीं होते हैं, इससे एसिडिटी की समस्या हो।