By अभिनय आकाश | Sep 02, 2026
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों का मकसद द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और अहम क्षेत्रों में आपसी जुड़ाव को बढ़ाना था। इस कूटनीतिक पहल के दौरान, रिजिजू ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के उप मंत्री वलीद ए. एम. एल्खेरेइजी के साथ बातचीत की। उन्होंने नई दिल्ली और रियाद के बीच मजबूत और ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की, साथ ही साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय मंत्री ने सर्बियाई नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एना ब्रनाबिक से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत और सर्बिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर चर्चा की, साथ ही दोनों देशों और वहां के लोगों को जोड़ने में विधायी कूटनीति के महत्व पर भी बात की। इस बातचीत के बाद, रिजिजू ने X पर पोस्ट किया, "सर्बिया गणराज्य की नेशनल असेंबली की प्रेसिडेंट (स्पीकर) महामहिम एना ब्रनाबिक के साथ एक अच्छी और सार्थक बैठक हुई। भारत और सर्बिया के बीच दोस्ती के मज़बूत रिश्तों और हमारे दोनों देशों व लोगों को करीब लाने में संसदीय आदान-प्रदान की अहम भूमिका पर चर्चा हुई।
अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए, रिजिजू ने अंगोला के विदेश मंत्री टेटे एंटोनियो के साथ बातचीत की, जिसमें आपसी समृद्धि के लिए द्विपक्षीय गठबंधन को मज़बूत करने और सहयोग का दायरा बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने सर्बिया की आंतरिक और विदेशी व्यापार मंत्री जगोडा लाज़ारेविच से मुलाकात की, ताकि व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के मौकों की समीक्षा की जा सके और साथ मिलकर विकास के नए रास्ते तलाशे जा सकें। इससे पहले मंगलवार को, रिजिजू ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक से मुलाकात की और आपसी सम्मान व साझा प्राथमिकताओं पर आधारित मज़बूत दोस्ती और बढ़ती साझेदारी को फिर से दोहराया।