नेहरू की कश्मीर नीति पर लिखे लेख को लेकर बोले किरेन रिजिजू, 70 से अधिक वर्षों तक सच्चाई को दबाया गया

By अभिनय आकाश | Nov 17, 2022

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू अपने निधन के 48 साल बाद भी भारत की राजनीति में सबसे लोकप्रिय और विवादित शख्सियतों में से एक बने हुए हैं। पंडित नेहरू की कश्मीर नीति को लेकर आक्रमक रही बीजेपी के आरोपों में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक नई कड़ी जोड़ते हुए नेहरू की मंशा पर सवाल उठाते हुए ‘कश्मीर की नेहरूवादी भूलों’ को सूचीबद्ध किया। जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस में इसको लेकर घमासान मच गया। लेकिन अब अपने लिखे लेख को लेकर कानून मंत्री की तरफ से ताजा बयान सामने आया है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कश्मीर पर मेरा लेख मेरे अपने शब्द नहीं हैं, वे पंडित नेहरू के संसदीय रिकॉर्ड और उस समय से सभी सरकारी आदान-प्रदान का ब्यौरा है। 

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केंद्रीय कानून मंत्री ने अन्य विषयों पर भी अपनी राय रखी। देश में हो रहे अपराधाों पर उन्होंने कहा कि हमने देश में जघन्य अपराधों - बलात्कार, बच्चों की हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का प्रावधान किया। हमने पॉक्सो एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का रोडमैप बनाया। 2018 में हम क्रिमिनल अमेंडमेंट बिल लेकर आए। कोई भी अपराध हो, अपराधी कोई भी हो, कानून को उससे सख्ती से निपटना चाहिए। अदालतें हैं, वे कार्रवाई करेंगी। अदालतों को मजबूत करना सरकार का कर्तव्य है। सभी अदालतें एकजुट हैं और हम चाहते हैं कि देश का कानून मजबूत हो। 

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