By अंकित सिंह | Apr 08, 2023
संसद का बजट सत्र खत्म हो गया है। लेकिन परिषद सत्र के दूसरे चरण में कामकाज बिल्कुल भी नहीं हो सका। एक ओर जहां भाजपा और सत्तारूढ़ सांसदों ने लोकतंत्र को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को मुद्दा बनाया तो वहीं विपक्ष अडानी मामले को लेकर जेपीसी की मांग पर अड़ा रहा। विपक्ष आज भी अदानी मुद्दे को लेकर जेपीसी की मांग कर रहा है। राहुल गांधी जबरदस्त तरीके से केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इसके अलावा कांग्रेस के तमाम नेताओं ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और अडानी मामले में जेपीसी की मांग की। इन सब के बीच से एनसीपी के प्रमुख और देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक शरद पवार ने जेपीसी को लेकर कुछ ऐसा बयान दे दिया जिससे कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि JPC की मांग हमारे सभी साथियों ने की, ये बात सच है मगर हमें लगता है कि JPC में 21 में से 15 सदस्य सत्ताधारी पार्टी के होंगे। यहां ज्यादातर लोग सत्ताधारी पर्टी के हों वहां देश के सामने सच्चाई कहां तक आएगी। उन्होंने कहा कि एक जमाना ऐसा था जब सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करनी होती थी तो हम टाटा-बिड़ला का नाम लेते थे। टाटा का देश में योगदान है। आजकल अंबानी-अडानी का नाम लेते हैं, उनका देश में क्या योगदान है, इस बारे में सोचने की आवश्यकता है।