By अंकित सिंह | Oct 06, 2026
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने 'इंडिया' गठबंधन के चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च के बाद कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार हमला करने से न तो लोकतंत्र को कोई फ़ायदा होगा और न ही कांग्रेस को जनता का समर्थन फिर से हासिल करने में मदद मिलेगी। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने का रोज़ का ड्रामा बंद कर देना चाहिए और इसके बजाय लोगों की सेवा करके उनका जनादेश जीतने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इससे न तो लोकतंत्र को कोई फ़ायदा होगा और न ही कांग्रेस पार्टी फिर से मज़बूत हो पाएगी। मैं ख़ास तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहता हूँ: मोदी जी से सीखिए। बीजेपी कार्यकर्ताओं से सीखिए, जो निस्वार्थ भाव से और लगातार अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए काम करते हैं। आपको भी ऐसा ही करना चाहिए और यह ड्रामा बंद करना चाहिए। अगर आप लोगों की सेवा करते रहेंगे, तो वे आप पर भरोसा करेंगे। ड्रामा करने से कुछ हासिल नहीं होगा।
रिजिजू का यह बयान तब आया जब राहुल गांधी ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ़्तर तक विपक्षी सांसदों के एक मार्च का नेतृत्व किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। गांधी ने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 300 सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने से रोका गया और सवाल उठाया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग से मिलने की इजाज़त क्यों नहीं दी जा रही है।
पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए चुनाव आयोग के दरवाज़े पर पहुंचा है और आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार और संवैधानिक अधिकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया है। हालांकि, रिजिजू ने सरकार में कांग्रेस के कामकाज के रिकॉर्ड पर पलटवार किया और पार्टी पर आरोप लगाया कि दशकों तक देश पर शासन करने के बावजूद वह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।