गहलोत के बयान पर भड़के किरोड़ी लाल मीणा, कहा- सेंस की कमी तो उनके नेता राहुल गांधी में है

By अंकित सिंह | Oct 13, 2021

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है। कांग्रेस लगातार भाजपा पर निशाना साध रही है तो वहीं भाजपा राजस्थान में दलित की हत्या को लेकर कांग्रेस पर पलटवार कर रही है। इसी कड़ी में कल जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पूछा गया कि आपकी पार्टी कांग्रेस उत्तर प्रदेश में लखीमपुर हिंसा को लेकर राजनीति कर रही है जबकि यहां भी दलित की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। इसके बाद गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हम विपक्ष में है। इसलिए वहां जा रहे हैं। यहां भाजपा विपक्ष में है। ऐसे में उसे यहां आना चाहिए। भाजपा में ऐसे मूर्ख लोग पदाधिकारी बने बैठे हैं जिन्हें कोई समझ नहीं है। इसको लेकर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने अशोक गहलोत पर पलटवार किया है। अपने पलटवार में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि सेंस की कमी तो उनके नेता राहुल गांधी में है जो संवेदनशील घटनाओं पर राजनीतिक पर्यटन करते हैं। इसके साथ ही किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसी भी बड़ी घटना के हो जाने पर विपक्षी नेताओं का जाना स्वाभाविक है लेकिन इसका उद्देश्य राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही 2016 की घटना को याद करते हुए डॉक्टर मीणा ने कहा कि राहुल गांधी डेल्टा मेघवाल के परिजनों से मिलने उस समय बाड़मेर आए थे और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिया था। लेकिन सत्ता आते ही कांग्रेस इस परिवार को भूल गई। इस परिवार को नियमानुसार 10 लाख दिए जाने चाहिए थे। लेकिन अभी तक मात्र 90 हजार ही उन्हें दी गई है।

अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा में ऐसे मूर्ख लोग पदाधिकारी बने बैठे हैं जिन्हें कोई समझ नहीं है। गहलोत ने कहा कि वह खुद इस तरह की घटनाओं की निंदा करते हैं और इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया गया है। गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, “इस तरह की बेवकूफी वाली बातें बोलते हुए मैं पहली बार नेताओं को देख रहा हूं, जो मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बने बैठे हैं। वे ऐसी बेवकूफी की बात कर रहे हैं कि राजस्थान में प्रियंका गांधी या राहुल गांधी क्यों नहीं आ रहे? यहां तो उनकी सरकार है, वे तो वहां जाएंगे जहां सत्ता पक्ष की सरकार है चाहे उत्तर प्रदेश हो या कोई और राज्य।” गहलोत ने आगे कहा, “हमारे यहां प्रधानमंत्री को आना चाहिए, गृहमंत्री को आना चाहिए, जेपी नड्डा को आना चाहिए...देखें जाकर हनुमानगढ़ में क्या हुआ? किस प्रकार घटना हुई, लिंचिंग हुई? हम तो खुद उसकी निंदा करते हैं। हमने अविलंब कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ा गया।” 

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