By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 19, 2021
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग के एक आदेश का पालन करते हुए चुनाव के दौरान मतदान के लिए जाते वक्त उनके सुरक्षा कर्मी बूथ के बाहर खड़े रहे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे सुरक्षा कर्मियों ने शनिवार रात को जारी आदेश का पालन किया...राज्य निर्वाचन आयुक्त सौरव दास ने केवल दो लोगों मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को ही यह सुविधा दी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो बार सौरव दास को फोन किया और उन्हें यह बताने की कोशिश की कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से और बिना किसी डर के हो तथा प्रशासन इसमें किसी भी तरीके से हस्तक्षेप न करें।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कई वार्ड में विपक्षी दलों के बूथ एजेंट को मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका। हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी ने इस आरोप को ‘‘निराधार’’ बताया है। माकपा कार्यकर्ताओं ने बाघा जतिन इलाके में सड़क अवरुद्ध करते हुए आरोप लगाया कि उनके चुनाव एजेंट को बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया। भाजपा के राज्य नेतृत्व ने एलान किया कि वह चुनावों में ‘‘हिंसा और कदाचार’’ के खिलाफ राज्य भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हम केएमसी चुनावों में हो रही हिंसा के खिलाफ राज्यभर में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे। राज्य प्रशासन की मदद से जिस तरीके से वोटों की लूट हुई है, वह हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। इसलिए हमने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करने के लिए कहा था।’’ कोलकाता के पूर्व महापौर और वरिष्ठ टीएमसी नेता फरहाद हाकिम ने आरोपों को ‘‘बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा जानती है कि उन्हें चुनावों में हार मिलेगी इसलिए वे अब ऐसे बहाने बना रहे हैं। कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव शांतिपूर्ण रहे हैं।’’ वार्ड नंबर 22 में भाजपा की मौजूदा पार्षद और कोलकाता की पूर्व उप महापौर मीना देवी पुरोहित ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। हालांकि, टीएमसी ने आरोप से इनकार किया है। वार्ड नंबर 45 में कांग्रेस ने टीएमसी पर फर्जी मतदाताओं को लाने का आरोप लगाया और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं बीच झड़प हुई।