धीरूभाई अंबानी ने की थी 300 रुपये की नौकरी, अकेले रखी रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव

By निधि अविनाश | Jul 06, 2022

गुजरात के एक छोटे से कस्बे से निकले धीरूभाई अंबानी के कारण ही आज रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया की प्रमुख कंपनियों में भी शुमार हो चुका है। आज यानि 6 जुलाई को धीरूभाई अंबानी की डेथ एनिवर्सरी पर आइये हम आपको बताते हैं उनके जीवन के बारे में। जानकारी के लिए बता दें की धीरूभाई का पूरा नाम धीरजलाल हीराचंद अंबानी था। उनका जन्म 28 दिसंबर 1932 को गुजरात जूनागढ़ शहर के पास के एक छोटे से कस्बे चोरवाड़ में हुआ था। वैश्य परिवार में जन्में धीरूभाई के पिता स्कूल टीचर थे। धीरूभाई ने सबसे पहले अपने कारोबारी जीवन की शुरूआत गिरनार पहाड़ी पर आने वाले तीर्थयात्रियों को भजिया बेचकर की थी। महज 10वीं कक्षा तक पढ़ाई करन वाले धीरूभाई ने यह तो साबित किया कि टॉप बिजनेस टायकून बनने के लिए बड़ी डिग्रियां हासिल करना आवश्यक नहीं है।

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साल 1996 में रिलायंस एक ऐसी निजी कंपनी बन गई जिसको इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने रेटिंग करना शुरू कर दिया। रिलांयस का कारोबार इस समय काफी ज्यादा फैला हुआ है। पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, एनर्जी, पावर जैसे कई सेक्टर में आज रिलायंस सबसे आगे है। धीरूभाई अंबानी पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल डीन मेडल प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने। उन्हें एशिया वीक पत्रिका द्वारा 'पावर 50 - एशिया के सबसे शक्तिशाली लोगों' की सूची में भी शामिल किया गया था। धीरूभाई को दो बार ब्रेनस्ट्रोक आया था जिसमें पहली बार 1986 में और दूसरी बार 24 जून 2002 को आया। अंत में 6 जुलाई 2002 को उन्होंने अंतिम सांस ली।

- निधि अविनाश

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