केले के पत्ते पर भोजन करिए, स्वाद और यौवन दोनों बढ़ जाएगा

By मिताली जैन | Sep 18, 2019

दक्षिण भारत में केले के पत्तों पर खाना खाना आम बात है। खासतौर से, किसी विशेष अवसर व त्योहार पर वहां पर लोग केले के पत्तों पर ही भोजन करते हैं। केले के पत्तों पर परोसा गया खाना न केवल अच्छा लगता है बल्कि केले के पत्तों पर खाना खाने से सेहत को बहुत सारे लाभ होते हैं। आजकल, कई रेस्तरां भी केले के पत्तों पर भोजन परोसने लगे हैं। तो चलिए आज हम आपको केले के पत्ते पर भोजन करने से होने वाले कुछ फायदों के बारे में बता रहे हैं−

केले के पत्तों में पॉलीफेनॉल्स कपांउड जैसे ईजीसीजी पाया जाता है। पॉलीफेनॉल्स प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट हैं जो फ्री−रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं जो कैंसर सहित कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। पत्तों पर परोसा गया भोजन पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट को अवशोषित करता है, जिससे आपकी सेहत को लाभ प्राप्त होते हैं। इतना ही नहीं, केले के पत्तों में एंटी−बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिसके कारण आपके भोजन में हानिकारक कीटाणु प्रवेश नहीं कर पाते।

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हाइजीन का ख्याल

केले के पत्ते घर में इस्तेमाल होने वाले सामान्य बर्तनों से अधिक स्वच्छ व हाईजीनिक होते हैं। जहां प्लास्टिक के बर्तनों को अच्छी तरह नहीं धोया जा सकता और वह सेहत को नुकसान भी पहुंचाते हैं। वहीं स्टील के बर्तनों की सफाई के दौरान अगर लापरवाही बरती जाती है तो उसमें भी कीटाणु पनपने लगते हैं। वहीं दूसरी ओर, केले के पत्ते ताजे और साफ होते हैं। उनका केवल एक बार ही उपयोग किया जाता है। वैसे आप चाहें तो उन्हें महज पानी से क्लीन करके दोबारा इस्तेमाल में भी ला सकते हैं।

बेहतर इम्युन सिस्टम

केले के पत्ते में एंटी−ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जिसके कारण आपका इम्युन सिस्टम भी बेहतर होता है क्योंकि केले के पत्ते के यह गुण आपके भोजन में भी आ जाते हैं। इतना ही नहीं, केले के पत्ते पर भोजन करने से आपकी आंतों में गुड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है, जो आपको स्वस्थ बनाने में मददगार है।

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पर्यावरण हितैषी

केले के पत्ते वास्तव में एनवायरनमेंट फ्रेंडली हैं। अक्सर लोग किसी त्योहार या शुभ अवसर पर डिस्पोजेबल प्लेटों में भोजन परोसते हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। वहीं केले के पत्ते पर्यावरण के अनुकूल हैं। केले के पत्ते कागज की प्लेटों की तुलना में जल्दी डिकंपोज हो जाते हैं।

मिताली जैन

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