कोरोना वैक्सीन से डरे नहीं, जानिए इससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी

By मिताली जैन | May 26, 2021

कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए इन दिनों देश में टीकाकरण बेहद जोरों पर हैं। हालांकि, अभी भी ऐसे कई लोग है, जो भारत में निर्मित इस वैक्सीन को लेने से कतरा रहे हैं। यूं तो टीकाकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए भारत सरकार द्वारा 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने की इजाजत दे दी गई है, लेकिन अभी भी लोगों में इसे लेकर असमंजस की स्थित हिै। ऐसे में वह टीकाकरण करवाने से बच रहे हैं। हो सकता है कि आपके मन में भी कोरोना वैक्सीन को लेकर कई तरह की शंकाएं हो, जिसका समाधान हम आज इस लेख में कर रहे हैं−

कुछ लोगों का मानना है कि भारत में निर्मित कोरोना वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित व प्रभावी नहीं है। जबकि ऐसा नहीं है। यूनिसेफ भी पहले ही साफ कर चुका है कि भारत में लगाई जा रही कोविड−19 वैक्सीन अन्य देशों की वैक्सीन के समान प्रभावी है। इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता को सुनिश्चित करने के लिए वैक्सीन, परीक्षण के विभिन्न चरणों से गुजरती है।

दो वैक्सीन है मान्यता प्राप्त

कोरोना वैक्सीन को लेकर मन में कई तरह की भ्रांतियां है। लोगों को सही वैक्सीन के बारे में पता नहीं है और इसलिए भी वह भ्रमित हो रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, भारत में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्रदान किए गए दो टीके हैं। जिसमें पहली है सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशील्ड और दूसरी भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित कोवैक्सिन

नियमित अंतराल पर लें दोनों खुराक

वैक्सीन की दोनों डोज को लेना बेहद आवश्यक है, तभी आप प्रभावी रूप से कोरोना से खुद का व दूसरों का बचाव कर सकते हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, कोविशील्ड वैक्सीन की दो खुराक के बीच का समय अंतराल चार−छह सप्ताह से बढ़ाकर चार−आठ सप्ताह कर दिया गया है। कोवैक्सिन की दूसरी खुराक पहले के चार से छह सप्ताह बाद ली जा सकती है।

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हो सकते हैं सामान्य दुष्प्रभाव

कुछ लोगों का यह भी मानना है कि कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद उन्हें कुछ गंभीर विपरीत परिणाम भुगतने होंगे। जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। यूनिसेफ ने कहा है कि इस वैक्सीन के बाद किसी को हल्का बुखार, इंजेक्शन वाले स्थान पर दर्द आदि जैसे कुछ सामान्य कुप्रभाव हो सकते हैं, जैसा कि अन्य वैक्सीन में भी होता है।

यूं तो कोविड−19 का टीकाकरण स्वैच्छिक है। फिर भी, कोविड 19 वैक्सीन की पूरी खुराक लेने की सलाह दी जाती है जिससे लोग स्वयं को सुरक्षित कर सकें और इस बीमारी को परिवार के सदस्यों, मित्रों, सम्बन्धियों और सहकर्मियों सहित करीबी संपर्क वाले लोगों में फैलने से रोक सकें।

मिताली जैन

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