By अनन्या मिश्रा | Jul 28, 2026
हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए होता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, सफलता और सकारात्मकता का संचार होता है। हर साल आषाढ़ माह की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था, जिनको प्रथम गुरु माना जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों और पुराणों का ज्ञान समाज तक पहुंचाया है।
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर अपने गुरुजनों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लें। अगर गुरु पास में नहीं हैं, तो उनके चित्र के जरिए उनको श्रद्धा अर्पित करें। फिर व्रत का संकल्प लें और दिनभर नियम और संयम के साथ इसका पालन करें। शाम को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। वहीं पूजा के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
गुरु पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गरीबों और जरूरतमंद लोगों को वस्त्र, अन्न, धन या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना चाहिए। इससे आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है।