Health Tips: तेल बदल-बदलकर इस्तेमाल करने से सेहत पर क्या असर होता है, आइए जानें

By मिताली जैन | Apr 24, 2026

भारतीय किचन में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल ही ना हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अक्सर हम अपनी किचन में कुकिंग ऑयल को कई अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करते हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है, जब एक ही कुकिंग ऑयल को लंबे समय तक किचन का हिस्सा बना दिया जाता है। अगर समय-समय पर तेल बदलकर इस्तेमाल ना किया जाए तो इससे सेहत को कई तरह के नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: महिलाओं में White Discharge और थकान का रामबाण इलाज, अपनाएं ये 2 Ayurvedic Home Remedy

फैटी एसिड बैलेंस होता है बेहतर  

अमूमन लोग अपनी किचन में ऐसे तेलों का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, जिनमें ओमेगा-6 काफी ज्यादा होता है। सूरजमुखी, सोयाबीन, कॉर्न, रिफाइंड तेल, सभी में ओमेगा-6 काफी मात्रा में पाया जाता है। वहीं अलसी, अखरोट, सरसों या कैनोला का तेल जैसे ओमेगा 3 रिच तेल कम ही भारतीय किचन में देखने को मिलते हैं। लेकिन जब आप तेल बदल-बदलकर इस्तेमाल करते हैं तो इससे फैटी एसिड बैलेंस करने में मदद मिलती है। याद रखें कि आपके शरीर को ओमेगा-6 और ओमेगा-3 दोनों की जरूरत होती है।   

शरीर को मिलता है पर्याप्त न्यूट्रिशन

जब कुकिंग में तेल को बदल-बदलकर इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे शरीर को पर्याप्त न्यूट्रिशन मिलता है। दरअसल, ऐसा कोई तेल नहीं है, जिसमें सभी तरह के न्यूट्रिएंट्स या फैटी एसिड सही मात्रा में हों। जहां कुछ तेलों में मोनोअनसैचुरेटेड फैट ज्यादा होते हैं, कुछ में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट और कुछ में ओमेगा-3 या ओमेगा-6 बेहतर मात्रा में मिलते हैं। साथ ही, तेल में अपने एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन भी मौजूद होते हैं। मसलन, कच्चे जैतून का तेल में ओलियोकैंथल नेचुरल पेनकिलर की तरह काम करता है। इसी तरह, राइस ब्रान ऑयल में पाया जाने वाला गामा-ओरिजैनॉल कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है। एवोकाडो तेल आंखों और स्किन के लिए अच्छा माना जाता है।

सेल्स की दीवारों पर पड़ता है अच्छा असर

यह तो हम सभी जानते हैं कि शरीर की हर कोशिका यानी सेल की दीवार चर्बी से बनी होती है। इसलिए, आप जैसा तेल खाएंगे, वैसी ही चर्बी सेल की दीवारों में लग जाएगी। ऐसे में अगर आप सिर्फ एक ही तरह का तेल खाएंगे तो इससे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। मसलन, अगर आप सिर्फ नारियल तेल खाएंगे तो तुम्हारी सेल की दीवारें सख्त हो जाएंगी। जिसकी वजह से हार्मोन सिग्नलिंग, इम्यून सिस्टम, सब धीमा हो जाता है। इसी तरह, अगर सिर्फ ओमेगा-6 रिच तेल खाते हैं तो इससे दीवारें सूजन वाली हो जाएंगी। तेल के रोटेशन से हर कोशिका की दीवार बैलेंस्ड बनती है।

- मिताली जैन

प्रमुख खबरें

Hardik Pandya की कप्तानी पर Irfan Pathan का बड़ा हमला, बोले- Mumbai Indians को ले डूबे गलत फैसले

जंग के बीच PM Benjamin Netanyahu ने Cancer को दी मात, खुद किया अपनी बीमारी का बड़ा खुलासा

AAP छोड़ने वाले सांसद गद्दार, CM Bhagwant Mann का BJP पर हमला, बोले- Punjab को धोखा दिया

Wankhede में Tilak Varma और Jamie Overton के बीच तीखी बहस, MI vs CSK मैच में हाई-वोल्टेज ड्रामा