कप्तानी छोड़ने की घोषणा से कोहली ने किया साबित, वो अपनी शर्तों पर आगे बढ़ने वाले खिलाड़ी हैं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 19, 2021

नयी दिल्ली। बल्लेबाज के रूप में विरोधी गेंदबाजों और एक कप्तान के रूप में विपक्षी टीम पर हावी होने की अपनी विशिष्ट शैली के कारण क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले विराट कोहली दुनिया के उन चंद कप्तानों में शामिल हैं जिन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद अपने खेल को भी नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लेकिन कोहली अब टी20 प्रारूप की कप्तानी छोड़ने का फैसला कर चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले टी20 विश्व कप के बाद वह आगे इस प्रारूप में केवल बल्लेबाज के रूप में खेलेंगे और ऐसे में उनके सामने स्वयं को नयी परिस्थितियों के अनुसार ढालने की चुनौती होगी क्योंकि पिछले सात वर्षों में वह जिन मैचों में खेले, उनमें अधिकतर में कप्तान रहे। कोहली जब क्रिकेट का ककहरा सीखने कोच राजकुमार शर्मा के पास गए थे तो वह उनके जोश और जुनून से प्रभावित हुए थे। जल्द ही उन्हें पता चला गया था कि इस बच्चे में कौशल भी है और जब यही बच्चा अपने पिता के निधन के बावजूद रणजी ट्रॉफी में अपनी टीम की नैया पार उतारने के लिए क्रीज पर उतरा तो दुनिया भी उनकी दृढ़ता से वाकिफ हुई थी। इसी जोश, जुनून, कौशल एवं दृढ़ संकल्प से वह 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और तीन साल की प्रतीक्षा के बाद टेस्ट क्रिकेटर बन गए। लेकिन यात्रा तो अभी शुरू हुई थी। कोहली को 2013 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी का मौका मिला और 2014 के आखिर में वह टेस्ट कप्तान बन गए तथा इसके बाद जो कुछ हुआ, वह इतिहास है।

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