By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 29, 2026
उत्तर कोलकाता के एक पूजा पंडाल में भगदड़ की जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों का हवाला देते हुए कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि बारिश के कारण कपड़ों को भीगने से बचाने के लिए निकास द्वार पर महिलाओं की भीड़ जमा हो गई थी जिससे भीड़ बढ़ने के साथ धक्का-मुक्की हुई और भगदड़ मच गई। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि भगदड़ मामले में कोलकाता पुलिस की जांच में भीड़ प्रबंधन में संभावित चूक, महिला स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों की कमी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय में देरी जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी जिससे कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि सबसे पहले एक व्यक्ति निकास द्वार से करीब 11 फुट की दूरी पर गिरा था। अधिकारी ने बताया कि कोलकाता पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वहां पर्याप्त संख्या में महिला स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। अधिकारी ने बताया कि पूजा आयोजकों द्वारा नियुक्त सुरक्षा एजेंसी के पास पोर्टेबल ‘मैनपैक’ रेडियो संचार उपकरण थे।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि घटना के दौरान एजेंसी के कर्मचारी कहां तैनात थे, क्या उन्हें भीड़ के अचानक बढ़ने की जानकारी मिली थी और अलर्ट मिलने के बाद उन्होंने क्या कार्रवाई की।’’ ‘मैनपैक’ रेडियो एक पोर्टेबल संचार प्रणाली है, जिसे पीठ पर टांगकर ले जाया जा सकता है। इसे सैनिकों, सामरिक इकाइयों और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है। पुलिस ने भगदड़ की घटना के मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनमें से दो लोगों पर आरोप है कि उन्होंने यह घोषणा करके अफरा-तफरी मचा दी कि पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है। जांच अधिकारी इन लोगों की आवाज के नमूने लेने की अनुमति के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं।