By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 12, 2026
कोटा के जेके लोन अस्पताल में मंगलवार को ‘सीजेरियन’ प्रसव के बाद 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पिछले 24 घंटे में अस्पताल में यह प्रसव के बाद मां की मौत का दूसरा मामला है। चिकित्सकों ने महिला की मौत का कारण दौरे पड़ना और सांस संबंधी जटिलताएं बताया है।
हालांकि, प्रसव के कुछ ही देर बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इससे एक दिन पहले सोमवार सुबह 34 वर्षीय गंगोत्री की भी अस्पताल में ऐसी ही परिस्थितियों में मौत हुई थी। जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में करीना का रक्तचाप सामान्य था, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उसका रक्तचाप काफी बढ़ा हुआ था।
उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा रिकॉर्ड के अनुसार करीना को गर्भावस्था के सातवें महीने से रक्तचाप की दवा लेने की सलाह दी गई थी, लेकिन मरीज को इसकी जानकारी नहीं थी। शर्मा ने बताया कि बढ़े हुए रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए उसका प्रसव कराना जरूरी चिकित्सकीय कदम था, इसलिए चिकित्सकों ने आपातकालीन सीजेरियन किया। प्रसव के बाद करीना का शरीर अचानक ठंडा पड़ने लगा, जिसके बाद चिकित्सकों ने जरूरी दवाएं दीं।
अस्पताल अधीक्षक के अनुसार, दौरे पड़ने के दौरान कुछ पदार्थ सांस की नली में चले जाने से ‘एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम’ (एआरडीएस) हुआ। इसके साथ ही उसे ‘डिसेमिनेटेड इंट्रावास्कुलर कोएगुलेशन’ (डीआईसी) और प्रसव के बाद होने वाला ‘एक्लेम्पसिया’ भी हुआ। उन्होंने बताया कि डीआईसी के कारण शरीर के कई हिस्सों से रक्तस्राव हुआ और पेशाब में भी खून आने लगा।
प्रसव के बाद हुए एक्लेम्पसिया के कारण उसे दौरे पड़े, जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर 86 प्रतिशत से गिरकर 62 प्रतिशत और रक्तचाप 90/60 एमएमएचजी तक पहुंच गया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, करीना के पति आमिर खान ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई है।
उन्होंने कहा कि एक तरल पदार्थ चढ़ाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। खान ने दावा किया कि करीना रात तक पूरी तरह स्वस्थ थी और रात में पानी मांग रही थी। उनके अनुसार, अस्पताल में छोटी बोतल से तरल पदार्थ चढ़ाए जाने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि करीना गर्भावस्था के दौरान हर महीने सरकारी चिकित्सक से जांच करवाती थी और नौ महीने के दौरान चिकित्सक ने किसी तरह की जटिलता के बारे में नहीं बताया था।