By अभिनय आकाश | Oct 10, 2022
जेडीएस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने संसदीय राजभाषा समिति की 11वीं रिपोर्ट की आलोचना करते हुए कहा कि पैनल हिंदी थोपने और देश को 'हिंदुस्तान' में बदलने की साजिश रची जा रही है। कुमारस्वामी ने ट्वीट करते हुए कहा कि कई सिफारिशें भारत के संघीय ढांचे को चीरती और नष्ट करती दिखाई दे रही हैं। अमित शाह के नेतृत्व वाले पैनल का उद्देश्य अपनी 'एक राष्ट्र, एक धर्म और एक भाषा' नीति के साथ संघीय व्यवस्था को नष्ट करना है। कुमारस्वामी "हिंदी थोपने" के प्रयासों के खिलाफ मुखर रहे हैं और हाल ही में केंद्र सरकार को केवल अंग्रेजी और हिंदी में कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा आयोजित करने के खिलाफ बयान भी दिया है।
कुमारस्वामी ने कहा कि भारत का मतलब सिर्फ हिंदू (और) हिंदी नहीं है। यह हम सभी का है। गौरतलब है कि कुमारस्वामी ने इससे पहले हिंदी दिवस को लेकर भी तीखे तेवर दिखाते हुए कहा था कि 14 सितंबर को जब केंद्र सरकार राज्य सरकार द्वारा हिंदी दिवस मनाने के लिए मजबूर करेगी, तो ये कन्नड़भाषी लोगों के साथ अन्याय होगा। कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा था कि हमारे राज्य के लोगों द्वारा भुगतान किए गए कर के पैसे का उपयोग कर्नाटक सरकार द्वारा हिंदी दिवस मनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।