By अभिनय आकाश | Jan 31, 2026
बन्नी का अनमोल रत्न छारी-धंध आधिकारिक तौर पर रामसर साइट घोषित कर दिया गया है। यह गुजरात का पांचवां और कच्छ का पहला अंतरराष्ट्रीय महत्व का आर्द्रभूमि स्थल है। कच्छ जिले के छारी-धंध पक्षी अभयारण्य के शामिल होने से गुजरात में रामसर साइटों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इस संबंध में और अधिक जानकारी देते हुए वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने एक विज्ञप्ति में कहा कि छारी-धंध पक्षी अभयारण्य को रामसर साइट का दर्जा मिलने से पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, स्थानीय विकास और वैश्विक मान्यता के क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
गांधीनगर स्थित गिर फाउंडेशन गुजरात में आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, निगरानी कार्यक्रमों और आर्द्रभूमि अनुसंधान एवं प्रलेखन में सक्रिय रूप से संलग्न है। उन्होंने कहा कि कच्छ में पर्यावरण-पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण में एक नया मील का पत्थर जुड़ गया है। एशिया के सबसे बड़े घास के मैदान माने जाने वाले बन्नी क्षेत्र के किनारे स्थित छारी-धंध संरक्षण अभ्यारण्य को आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि और रामसर स्थल घोषित किया गया है।