By अनन्या मिश्रा | Oct 02, 2026
आज ही के दिन यानी की 02 अक्टूबर को भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था। लाल बहादुर शास्त्री ने 'जय जवान, जय किसान' का नारा देकर देश के किसानों और सैनिकों का मान बढ़ाया था। वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन उन्होंने अपनी लगन और ईमानदारी के दम पर देश के दूसरे प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया था। इसके अलावा लाल बहादुर शास्त्री ने स्वतंतत्रा संग्राम में सक्रिया भूमिका निभाई थी। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
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महज 11 साल की छोटी उम्र में वह देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाने के बारे में सोचते थे। फिर 16 साल की उम्र में उन्होंने पढ़ाई छोड़कर गांधीजी के असहयोग आंदोलन में शामिल होने का मन बना लिया। साल 1926 में उन्होंने वाराणसी के काशी विद्यापीठ से नैतिकता और दर्शनशास्त्र में फर्स्ट डिवीजन के साथ बैचलर डिग्री ली।
साल 1930 में गांधी जी दांडी के लिए समुद्र तट पर पहुंचे और शादी नमक कानून तोड़ा। इस दौरान शास्त्री ने खुद को पूरी तरह से देश के स्वतंत्रता संग्राम में झोंक दिया था। शास्त्री कई विरोधी अभियानों में शामिल हुए और ब्रिटिश जेलों में 7 साल बिताए।
देश की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस सरकार ने लाल बहादुर शास्त्री को उनके गृह रास्य उत्तर प्रदेश में संसदीय सचिव नियुक्त किया। इसके बाद साल 1951 में केंद्रीय राजनीति में कदम रखकर उन्होंने वाणिज्य एवं उद्योग, परिवहन व संचार और गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाला। वहीं भारत के पहले पीएम पंडित नेहरू के निधन के बाद पार्टी में आम सहमति के बाद 02 जून 1964 से लाल बहादुर शास्त्री को दल का नेता चुना गया। वहीं 09 जून 1964 को लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने।
साल 1965 में पाकिस्तान से युद्ध के बाद देश में भयंकर सूखा पड़ गया। ऐसे में शास्त्री ने इन परिस्थितियों से निकलने के लिए एक दिन का व्रत करने का अनुरोध किया। इस दौरान उन्होंने 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया। शास्त्री ने 'हरित क्रांति' को भी बढ़ावा दिया। जिसका मकसद मांग को बढ़ाना और भारत के खाद्य उत्पादन को गति देना था।
वहीं प्रधानमंत्री बनने के 19 महीने बाद ही 11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री का ताशकंद में निधन हो गया था।