By नीरज कुमार दुबे | Jan 20, 2025
कश्मीर में पारम्परिक व्यवसायों के जरिये भी लोग अच्छा खासा कमा रहे हैं। इसी कड़ी में 60 वर्षीय अब्दुल रशीद का नाम लिया जा सकता है जोकि कश्मीर में पारंपरिक साबुन को बना रहे हैं और इस काम में वह अकेले ही बचे हैं। उनकी दुकान श्रीनगर के खानकाह इलाके में स्थित है जोकि दशकों से चल रही है। रशीद की कहानी न केवल एक अकेले शिल्पकार की कहानी है, बल्कि कश्मीर में बदलते समय का प्रतिबिंब भी है। कश्मीर घाटी में श्रीनगर के पुराने शहर शहर-ए-खास के बीचोंबीच रहने वाले अब्दुल रशीद लुप्त होती पारम्परिक साबुन बनाने की कला को संरक्षित करने के लिए समर्पित हैं।