By रेनू तिवारी | Nov 07, 2026
विदेश की धरती से भारत में खौफ का साम्राज्य चलाने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग को एक और करारा झटका लगा है। केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी के तहत बिश्नोई गैंग के बेहद खास और अहम सदस्य हैरी 'बॉक्सर' को अमेरिका में हिरासत में ले लिया गया है। भारत में रंगदारी, हत्या के प्रयास और जबरन वसूली (Extortion) के दर्जनों मामलों में वांछित 'बॉक्सर' लंबे समय से अमेरिकी सरजमीं पर बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा था। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) से मिले पुख्ता और सटीक इनपुट के आधार पर अमेरिकी आव्रजन व सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार रात उसे कैलिफोर्निया से दबोच लिया।
अधिकारियों के अनुसार, 'बॉक्सर' गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी था और अमेरिका से ही अपना नेटवर्क चला रहा था। उसने सोशल मीडिया और ऑडियो मैसेज के जरिए बॉलीवुड से जुड़े कई लोगों को धमकियां भी दी थीं।
इस साल फरवरी में मुंबई के जुहू इलाके में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी भी 'बॉक्सर' ने ली थी। वहां पांच राउंड फायरिंग हुई थी, लेकिन सुरक्षा गार्ड के पुलिस को सतर्क कर देने के कारण कोई घायल नहीं हुआ। बाद में, पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
ऐसी भी आशंका थी कि 'बॉक्सर' के गुर्गों ने अभिनेता तुषार कपूर को धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की मांग की थी। हालांकि, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस संभावना को खारिज कर दिया, क्योंकि धमकी भरे ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज 'बॉक्सर' की आवाज के नमूने से मेल नहीं खाती थी।
विदेश से 'बॉक्सर' का जबरन वसूली नेटवर्क
'बॉक्सर' का असली नाम हरिचंद जाट है। अधिकारियों ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बामसुर इलाके का रहने वाला है। जयपुर में रहने के दौरान उसने बॉक्सिंग सीखी थी, जिसके कारण उसे 'बॉक्सर' उपनाम मिला। अपराध की दुनिया में आने से पहले, उसने बॉक्सिंग कोच के रूप में काम किया था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की थी।
यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब विदेश गया, लेकिन पुलिस को शक है कि वह एक बड़ा नेटवर्क चलाता था और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कामकाज में अहम भूमिका निभाता था। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे में हुई फायरिंग की घटना में भी उसका नाम आया था। अब भारतीय एजेंसियां, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की मदद से उसे भारत वापस लाने (प्रत्यर्पण) के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगी। इस साल जनवरी में, शरण के लिए आवेदन करने के बाद बॉक्सर को कुछ समय के लिए हिरासत में भी रखा गया था। हालाँकि, बाद में अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें जाने की अनुमति दे दी।