By Ankit Jaiswal | Aug 21, 2026
विश्व कप फाइनल का रोमांच खत्म होने के बाद मैदान पर हुई एक झड़प अब अर्जेंटीना और स्पेन के खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। फाइनल के कुछ ही क्षण बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद पर फीफा ने शुक्रवार को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना पर भी कड़ी कार्रवाई हुई है। उन्हें सात मैचों के लिए निलंबित किया गया है। वहीं, थियागो अल्मादा को एक मैच के लिए प्रतिबंधित किया गया है। तीनों अर्जेंटीना खिलाड़ियों में अल्मादा की सजा सबसे कम है, जबकि परेदेस पर लगाया गया 10 मैच का प्रतिबंध सबसे बड़ा है।
गौरतलब है कि फीफा की कार्रवाई केवल अर्जेंटीना तक सीमित नहीं रही है। स्पेन के मिडफील्डर गावी को भी फाइनल के बाद हुई घटना में उनकी भूमिका के लिए निलंबित किया गया है। इसके अलावा अर्जेंटीना के एक कोच पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
फीफा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, अलग-अलग लोगों पर लगाए गए जुर्माने की रकम उनकी संबंधित सजा के आधार पर अलग रखी गई है।
बता दें कि यह विवाद विश्व कप फाइनल खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हुआ था। मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे और इसी दौरान उनके बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। घटना ने मैच के रोमांचक अंत के बाद मैदान के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था।
फीफा की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का वास्तविक असर अर्जेंटीना के आने वाले मुकाबलों पर इस बात से तय होगा कि इन सजाओं को किस तारीख से लागू किया जाता है। अगर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होते हैं तो परेदेस को लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले के दौरान जोश और आक्रामकता आम बात है, लेकिन मैच खत्म होने के बाद अनुशासन बनाए रखना भी नियमों का अहम हिस्सा है। इसी वजह से फीफा ने घटना की समीक्षा के बाद खिलाड़ियों और टीम अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है। अब अर्जेंटीना को अपने आगामी मुकाबलों में परेदेस और मोलिना जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बीच टीम संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना होगा।