Independence Day 2022: 'ये आजादी झूठी है' कहने वाले वामपंथी दलों ने 74 सालों तक पार्टी कार्यालय में नहीं फहराया था तिरंगा

By अभिनय आकाश | Aug 13, 2022

दिल्ली सज धज कर तैयार है बलिदान, समर्पण, उपलब्धि के अभूतपूर्व लम्हे को मनाने के लिए। भारत का राष्ट्रीय झंडा देश के हर नागरिक के गौरव और सम्मान का प्रतीक है। जब भी कोई तिरंगे को फहराता है तो उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक होती है। भारत इस वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। आजादी का 75वां साल है तो जश्न भी उसी सरीखा होना चाहिए, तैयारियां भी कुछ ऐसी ही है। तिरंगे को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर भी निशाना साधा जाता रहा है। लेकिन आपको पता है कि वामपंथियों पार्टियों ने आजादी को झूठा बताते हुए पिछले सात दशकों में तिरंगा नहीं फहराया। लेकिन बदलते वक्त के साथ बीते बरस से वामपंथी दलों ने राष्ट्रवाद को लेकर अपनी विचारधारा में परिवर्तन का निर्णय किया। भाकपा में साल 1964 में विभाजन के बाद माकपा अस्तित्व में आई थी।

भाकपा के हैंडल पर तिरंगा नहीं

आजादी के अमृत महोत्सव में मोदी सरकार से लेकर विपक्ष तक के नेता अपने अपने तरीके से इस जश्न में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से भी अपने ट्विटर की डीपी में बदलाव करते हुए देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की हाथों में तिरंगा झंडा लिए तस्वीर लगाई है। लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ट्वीटर हैंडल पर अभी भी आपको तिरंगे की तस्वीर नहीं नजर आएगी। यही आलम माकपा के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल का भी है। वहीं भाकपा के केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों के सोशल मीडिया हैंडल का भी यही हाल है। 

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