कानून की शिक्षा केवल बार और पीठ के लिए पेशेवर तैयार करने तक सीमित नहीं: प्रधान न्यायाधीश गवई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 18, 2025

भारत के प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने बुधवार को कहा कि कानून की शिक्षा का उद्देश्य केवल बार और पीठ के लिए पेशेवर तैयार करना नहीं, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे नागरिक तैयार करना भी है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध हों।

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि कानून का अध्ययन कभी भी समाज के वास्तविक संघर्षों से अलग, सीमित दायरे में नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह उन लोगों के जीवंत अनुभवों में निहित होना चाहिए जिनकी सेवा इसे करनी है। न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि कानूनी शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाने के लिए, हमें उन अभिजात्य बाधाओं को तोड़ना होगा जो धीरे-धीरे समय के साथ उभरती गई हैं।

प्रमुख खबरें

देश के सिस्टम पर 6 लोगों का कब्जा, शिक्षा तंत्र हुआ बदहाल: इंदौर में बोले Rahul Gandhi

Agar Malwa में नाले में कार गिरने से Odisha के 7 श्रद्धालुओं समेत 8 लोगों की मौत

Puducherry की Thattanchavady विधानसभा उपचुनाव में 11 प्रत्याशी आजमाएंगे किस्मत, 6 अक्टूबर को वोटिंग

उत्तराखंड MBBS दाखिले में फर्जी प्रमाणपत्र का मामला: Dehradun Police SIT ने शुरू की जांच