By अनन्या मिश्रा | Feb 05, 2025
अनंत कालसर्प दोष
कुंडली के बारह भाव होते हैं। राहु के लग्नभाव में होने और केतु के जीवनसाथी भाव में रहने के साथ सभी शुभ और अशुभ ग्रह इन दोनों ग्रहों के मध्य उपस्थित रहने पर कुंडली में अनंत कालसर्प दोष लगता है। इस दोष से पीड़ित जातक को जीवन में तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उपाय
ज्योतिषियों की मानें, तो राहु-केतु का निवारण कराना श्रेष्ठकर माना जाता है। वहीं आंशिक रूप से पीड़ित जातक भगवान शिव की पूजा कर कालसर्प दोष से निजात पा सकते हैं। इस दोष से निवारण के लिए रोजाना स्नान-ध्यान के बाद गंगाजल में काले तिल और जौ मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। वहीं रोजाना पूजा के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंदों को धन का दान दें और रोजाना विष्णु चालीसा का पाठ करें।