By अभिनय आकाश | Nov 14, 2025
महाभारत में भीष्म पितामह का किरदार न केवल सम्मानीय था बल्कि बेहद शक्तिशाली भी था। कहा जाता है कि भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान था, जो उन्हें उनके पिता महाराज शांतनु ने दिया था। बिहार चुनाव के बाद 20 सालों से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान नीतीश कुमार को लेकर अब कुछ ऐसा ही मीम सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल मीम में कहा जा रहा है कि भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। ठीक उसी तरह नीतीश कुमार को इच्छा हार का वरदान प्राप्त है। यानी वो खुद से ही हार सकते हैं और कोई उन्हें हरा नहीं सकता। बिहार में लगातार हो रहे चुनाव में इसकी कुछ झलक जरूर नजर आती है।
विपक्ष के लिए, यह चुनाव विनाशकारी साबित हुआ। तेजस्वी यादव की राजद, जो पिछली बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, एनडीए की लहर में बिखर गई और अपनी आधी से ज़्यादा सीटें गँवा बैठी। कांग्रेस को फिर से संघर्ष करना पड़ा, जिससे महागठबंधन की सबसे कमज़ोर कड़ी के रूप में उसकी स्थिति और मज़बूत हो गई। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, जिसे कुछ हलकों में संभावित विघटनकारी माना जा रहा था, चुनावी सफलता हासिल करने में नाकाम रही और "फर्श पार" साबित हुई।