कोरोना और लॉकडाउन से उपजी समस्याएँ क्या कम थीं जो यह 'अम्फान' भी तबाही मचा गया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 23, 2020

इस सप्ताह के राजनीतिक/सामाजिक मुद्दों की बात करें तो कोरोना वायरस और लॉकडाउन से उपजी परिस्थितियां ही हावी रहीं। लॉकडाउन-4 इस सप्ताह से शुरू हुआ और यह बिलकुल नये रंग-रूप वाला रहा। ट्रेन सेवाएं भी धीरे-धीरे पूरी तरह पटरी पर आती चली जा रही हैं, विमान सेवाओं की भी अनुमति मिल गयी है हालांकि अभी सिर्फ घरेलू उड़ानों को ही शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा देशभर में हॉटस्पॉटस को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी गयी है। यही नहीं कुछ राज्यों में सार्वजनिक परिवहन के साधनों के परिचालन की अनुमति भी मिल गयी है। ऑटो, टैक्सी आदि चल पड़े हैं तो लोगों की राह कुछ हद तक आसान हो गयी है। इस तरह लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर आने के सरकारों के प्रयास जारी हैं।

इसके अलावा इस सप्ताह राजनीति भी जमकर हुई। कांग्रेस के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा राजनीतिक दलों ने संयुक्त बैठक कर मोदी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तो यहां तक दावा कर दिया कि अर्थव्यवस्था पहले से ही रसातल में जा रही थी और देश 2017-18 से ही मंदी की गिरफ्त में था, सरकार अब कोरोना का बहाना बना रही है। सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय में ही सारी शक्तियाँ निहित कर दी गयी हैं जोकि गलत है। इसके अलावा कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को 1000 बसें भेजने के नाम पर जो राजनीति की उसे भी देश ने देखा।

इस सप्ताह चक्रवाती तूफान अम्फान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बर्बादी की जिसका आकलन करने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने दोनों राज्यों को भरपूर मदद का भरोसा दिलाया है। इसके अलावा इस सप्ताह भारत के पड़ोसी देशों का रवैया भी चर्चा में रहा। भारत और चीन के बीच तनाव की खबरें तो अकसर आती रहती हैं लेकिन नेपाल ने जिस तरह अपने राजनीतिक और प्रशासनिक मानचित्र में भारत के कुछ हिस्से को शामिल कर लिया उससे सभी हैरत में दिखे।

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जहाँ तक कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई की बात है तो भारत में भले संक्रमण के मामले बढ़कर अब सवा लाख तक पहुँचने वाले हों लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 50 हजार से ज्यादा लोग अब तक ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं और कोविड-19 से उबरने की दर 40.32 प्रतिशत हो गई है।

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