By एकता | Jan 09, 2026
लोहड़ी उत्तर भारत का एक बहुत ही खास त्यौहार है। यह त्यौहार आग, सूरज और नई फसल से जुड़ा हुआ है। लोहड़ी का मतलब सिर्फ नाच-गाना और मस्ती ही नहीं है, बल्कि यह भगवान को शुक्रिया कहने और दूसरों की मदद करने का दिन भी है। कहा जाता है कि अगर इस दिन हम कुछ छोटे-छोटे काम और उपाय करें, तो घर में सुख-शांति और पैसा आता है।
इस साल 2026 में लोहड़ी 13 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसके अगले दिन यानी 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। लोहड़ी हमेशा मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाती है। यह त्यौहार कड़ाके की ठंड के खत्म होने और फसलों के बढ़ने की खुशी में मनाया जाता है। शास्त्रों में आग को बहुत पवित्र माना गया है, इसलिए इस दिन आग की पूजा करना बहुत जरूरी होता है।
आग में तिल और गुड़ डालना: शाम के समय जब लोहड़ी की आग जलाई जाती है, तो उसमें तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी डालनी चाहिए। ऐसा करते समय भगवान से घर की तरक्की की प्रार्थना करें। माना जाता है कि इससे घर की नेगेटिविटी दूर होती है।
गरीबों की मदद करना: लोहड़ी बांटने का त्यौहार है। इस दिन किसी जरूरतमंद इंसान को अनाज, गुड़ या गर्म कपड़े जैसे कंबल दान करने चाहिए। इससे मन को शांति मिलती है और घर में बरकत आती है।
परिवार के साथ पूजा करें: लोहड़ी पर पूरे परिवार को मिलकर आग के चारों तरफ घूमना चाहिए और लोहड़ी के लोकगीत गाने चाहिए। साथ मिलकर प्रार्थना करने से परिवार में एकता बढ़ती है और पूरा साल अच्छा बीतता है।
मिठाई बांटना: इस दिन तिल-गुड़ की बनी चीजें जैसे गजक और रेवड़ी दूसरों को खिलाना बहुत शुभ होता है। इससे आपस में प्यार बढ़ता है और जीवन में खुशहाली आती है।
लोहड़ी पर किए गए ये छोटे काम हमारे रिश्तों को मजबूत करते हैं और भगवान का आशीर्वाद दिलाते हैं। इनसे पैसों की तंगी और जीवन की अन्य समस्याएं भी कम होती हैं। पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया यह त्यौहार हमारे जीवन में ढेर सारी खुशियां लेकर आता है।