By अनन्या मिश्रा | Sep 16, 2026
आज यानी की 16 सितंबर 2026 को बड़े भाई बलराम जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी की जयंती मनाई जाती है। इसको बलदेव छठ और बलभद्र जयंती के नाम से भी जाना जाता है। भगवान बलराम को शेषनाग का अवतार माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान बलराम की पूजा-अर्चना करने से जीवन में खुशहाली का आगमन होता है। तो आइए जानते हैं बलराम जयंती की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व आदि के बारे में...
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और मंदिर की साफ-सफाई करें। मंदिर में गंगाजल छिड़कर पवित्र करें और एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान बलराम की प्रतिमा को स्थापित करें। अब हाथ में जल लेकर पूजा और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान बलराम को अक्षत, पु्ष्प, चंदन और दूध आदि अर्पित करें। फिर फल और मिठाइयों का भोग लगाएं। इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान बलराम का ध्यान करें और अंत में आरती करें। वहीं पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें। फिर परिवार के सदस्यों के बीच प्रसाद बांटें।
बता दें कि कई जगहों पर बलराम जयंती के मौके पर भगवान बलराम की पूजा के साथ-साथ हल की पूजा भी की जाती है। भगवान बलराम हल और मूसल धारण किए हैं, जिस कारण उनको हलधारी भी कहा जाता है। वहीं हल का संबंध खेती-किसानी से होता है। इसलिए इस दिन किसान हल की पूजा करके अच्छी फसल, खेतों की उर्वरता और कृषि में समृद्धि की कामना करते हैं।