By अनन्या मिश्रा | Sep 16, 2026
हर साल 16 सितंबर 2026 को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है। यह दिन लोगों को ओजोन परत के बारे में जागरुक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। ओजोन परत वायुमंडल में सूर्य से निकलने वाली हानिकारक अल्ट्रावाइलट किरणों से पृथ्वी को बचाने में मदद करती है। सूर्य से निकलने वाली यह हानिकारक किरणें स्किन रोग समेत कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती हैं। इसलिए हर साल ओजोन परत संरक्षण के लिए और लोगों को जागरुक करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। तो आइए जानते हैं ओजोन परत क्या है, यह क्यों मनाया जाता है और इसके महत्व आदि के बारे में
साल 1970 के अंत में वैज्ञानिकों को ओजोन परत में छेद के बारे में जानकारी हुई थी। जिसके बाद 80 के दशक में विश्व के कई देशों की सरकार द्वारा इस समस्या का चिंतन किया गया। साल 1985 में दुनिया की सरकारों ने ओजोन परत की सुरक्षा के लिए वियना कन्वेशन अपनाया। फिर 19 दिसंबर 1994 में यूएन की जनरल असेंबली ने ओजोन परत के बचाव के लिए 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाने का फैसला किया। 16 सितंबर 1995 को पहली बार ओजोन दिवस मनाया गया था।
ऑक्सीजन के तीन अणु से ओजोन परत तैयार होती है। ओजोन परत का एक अणु ऑक्सीजन के तीन अणुओं के जुड़ने से बनता है। यह हल्के नीले रंग की होती है। धरती से 10 किमी की ऊंचाई पर ओजोन परत शुरू हो जाती है और 50 किमी ऊपर तक रहती है। यह सूर्य की हानिकारक किरणों से पृथ्वी का बचाव करती हैं।