पुरी में कोरोना कर्फ्यू के बीच बिना श्रद्धालुओं के निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 13, 2021

पुरी (ओडिशा)। ओडिशा के पुरी में सोमवार को ढोल, मंजीरे और शंखनाद तथा ‘हरि बोल’ के उद्घोष के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथयात्रा निकली। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया गया और पूरे शहर में कर्फ्यू लागू रहा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ, तीनों के रथ अपने तय समय से बहुत पहले मुख्य मंदिर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित श्री गुंदिचा मंदिर पहुंचे। उन्होंने रथयात्रा पर्व सुगमता से सपन्न होने पर सभी को धन्यवाद दिया।

इसे भी पढ़ें: जियो ने अप्रैल में 47 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े, वोडाफोन आइडिया ने 18 लाख कनेक्शन गंवाए

रथयात्रा पर्व के रविवार रात से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए थे तथा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान सुदर्शन को चरणबद्ध तरीके से ‘पहंडी’ प्रक्रिया के तहत उनके रथों तक ले जाया गया। उनकी प्रतिमाओं को रथों में स्थापित करने के बाद पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने सोने के झाड़ू से रथों को बुहारने की परंपरा का निर्वाह किया। इसके बाद गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने देव प्रतिमाओं का दर्शन किया और फिर रथों को खींचा गया। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के एक अधिकारी ने बताया कि पहले निर्णय लिया गया था कि रथों को अपराह्न तीन बजे से खींचना शुरू किया जाएगा लेकिन असल में यह प्रक्रिया तय समय से पहले शुरू हुई। विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए थे। राज्य सरकार ने देशभर के श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा के आयोजन का मुफ्त सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था की थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तथा अन्य नेताओं ने लोगों को उत्सव की शुभकामनायें दीं।

प्रमुख खबरें

Kalkaji Gangrape Case: Pawan Khera ने महिला सुरक्षा को लेकर Delhi CM Rekha Gupta पर साधा निशाना

खाना बनाने से पहले ये 3 काम कर लें, आधा काम अपने आप आसान हो जाएगा

ड्रग्स के खिलाफ 7 पैमानों पर Telangana ANTF का 80% से ज्यादा स्कोर, केंद्र से मिला राष्ट्रीय सम्मान

SC/ST Act: पीड़ितों की सुरक्षा और सहायता में न हो देरी, Uttarakhand सरकार करेगी डिजिटल निगरानी