By अभिनय आकाश | Feb 08, 2025
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती जारी है और नवीनतम रुझानों से पता चलता है कि कांग्रेस लगातार तीसरी बार खाता खोलने में नाकामयाब रहने वाली है। रुझानों के अनुसार, पार्टी बादली सीट से मतगणना के शुरुआती दौर में आगे चल रही थी। हालांकि अब सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रही है। कांग्रेस ने 2013 तक 15 वर्षों तक राष्ट्रीय राजधानी पर शासन किया। उसने मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनाव से पहले कई रैलियां आयोजित करके शहर की राजनीति में अपना पैर जमाने की पूरी कोशिश की थी।
कई एग्जिट पोल ने कांग्रेस के लिए शून्य की हैट्रिक की भविष्यवाणी की थी। आखिरी बार कांग्रेस ने दिल्ली में अपना खाता 2013 के विधानसभा चुनाव में खोला था जब उसने आठ सीटें जीती थीं। पार्टी ने 24.55 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 33.07 फीसदी और आम आदमी पार्टी (आप) को 29.49 फीसदी वोट शेयर मिला था। 2013 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा को 31 सीटें मिलीं, जो 70 सदस्यीय सदन में आवश्यक बहुमत से पांच सीटें कम थीं।