By अंकित सिंह | Mar 06, 2026
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत किसी भी धर्म में परिवर्तित होने से पहले सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। एक अधिकारी ने प्रस्तावित कानून के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि धर्मांतरण करने के इच्छुक व्यक्ति को 60 दिन का नोटिस देना होगा और धर्मांतरण से पहले नामित प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि धर्मांतरण को 25 दिनों के भीतर प्राधिकरण के पास पंजीकृत कराना अनिवार्य है, अन्यथा इसे अमान्य माना जाएगा।
विधानसभा भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए राणे ने कहा कि हमने विधानसभा चुनाव के दौरान दृढ़ता से कहा था कि सत्ता में आने पर हम महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कड़ा कानून लाएंगे, जिसे प्रेम जिहाद विरोधी कानून भी कहा जाता है। आज मुझे अत्यंत संतोष है कि मंत्रिमंडल ने ऐसे कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार को इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हुए राणे ने कहा कि विधेयक को प्रस्तावित ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2026’ के तहत मंजूरी दी गई है।