By अंकित सिंह | Jun 15, 2026
प्रभासाक्षी के साप्ताहिक कार्यक्रम चाय पर समीक्षा में इस सप्ताह हमने तृणमूल कांग्रेस में जारी उठापटक पर चर्चा की। हमेशा की तरह इस कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे। इसके अलावा हमने इंडिया गठबंधन और एनडीए गठबंधन की हुई बैठकों पर भी चर्चा की। नीरज दुबे ने साफ तौर पर कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे ने सिर्फ वहां की राजनीति को प्रभावित नहीं किया है बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी परिवर्तन के दौर में पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी का भी कांग्रेस के लिए हृदय परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
दुबे ने कहा कि आज तृणमूल कांग्रेस अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के साथ उसके विलय की चर्चा शुरू हो जाती है। लेकिन कभी यही ममता बनर्जी थीं जो कांग्रेस को भाव नहीं देती थीं। यही ममता बनर्जी थी जो 2024 लोकसभा चुनाव से पहले कहा करती थीं कि कांग्रेस को तो 40 सीटे भी नहीं आएंगी। लेकिन आज बदली हुई परिस्थितियों में ममता बनर्जी मजबूर हुई हैं। ममता बनर्जी के साथ दिखाई देने वाले नेताओं को भी आज विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा है और यह साफ तौर पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को यह लग रहा है कि अगर वह ममता बनर्जी के साथ या अभिषेक बनर्जी के साथ खड़े रहे तो उनके लिए जनता के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा।
नीरज दुबे ने कहा कि विपक्षी एकता को बहुत ज्यादा नुकसान न पहुंचे इसलिए यह बैठक बुलाई गई थी। इसमें इंडिया गठबंधन के तमाम नेता शामिल हुए थे। लेकिन आप देखिए कि इस बैठक में उमर अब्दुल्ला शामिल हुए थे। लेकिन बैठक से निकलने के बाद ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। इसके अलावा नीरज दुबे ने कहा कि उस बैठक में जितने भी दल शामिल हुए थे, उन सब ने कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा। कांग्रेस पर कई आप भी लगाए हैं। वहीं, एनडीए की बैठक को लेकर नीरज दुबे ने कहा कि जब भी दिल्ली में कोई बड़ा कार्यक्रम होता है और अलग-अलग राज्यों से नेता दिल्ली आते हैं। तब इस तरह की बैठकें होती रहती हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने सहयोगों को हमेशा साथ रखने की कोशिश करते हैं। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का पूरा फोकस उत्तर प्रदेश पर है जो चुनावी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।