By दिव्यांशी भदौरिया | Apr 22, 2026
खाने में नमक यानी सोडियम की मात्रा कम रखना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है,लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा घटा देना भी सही नहीं है। लंबे समय तक बहुत कम सोडियम लेने से शरीर में कमजोरी, चक्कर आना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए संतुलित मात्रा में सोडियम का सेवन करना ही बेहतर रहता है।
अक्सर इस समस्या को हाइपोनेट्रिया कहलाती है। आइए आपको बताते हैं सोडियम का कम होना कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसके क्या लक्षण हैं और इसे कैसे बैलेंस करें।
क्या समस्याएं होती है?
- मितली
- सिरदर्द
- मांसपेशियों में ऐंठन
- भ्रम
हाइपोनेट्रेमिया के ये होते हैं कारण
हाइपोनेट्रेमिया होने का सबसे बड़ा कारण होता है थोड़े ही अंतराल में ज्यादा मात्रा में पानी पी लेना, जिसकी वजह से खून में सोडियम का लेवल कम हो जाता है। ज्यादा मेहनत करने वाले खेल खेलने वाले खिलाड़ियों में भी पसीने के जरिए सोडियम का लॉस होता है। इन कारणों से भी सोडियम की मात्रा लाइट होती है-
- कुछ खास दवाएं
- हार्ट फेल्यिर, किडनी या लिवर की बीमारी और डायबिटीज
- लगातार डायरिया या उल्टी की समस्या बने रहना
- हॉर्मोन का असंतुलन
- अधिक मात्रा में शराब पीना
ब्रेन पर पड़ता है असर
यदि हाइपोनेट्रमिया की स्थिति में जल्द मेडिकल सहायता ना दी जाए तो ब्रेन को स्थायी रुप से नुकसान हो सकता है। इससे मुख्य रुप से ब्रेन के नर्व सेल्स डिहाइड्रेट और डैमेज होते हैं।
सोडियम करता है ये काम
बॉडी अच्छे से काम करें, तो इसके लिए सोडियम का रोल मुख्य होता है-
- शरीर में फ्लूइड की मात्रा बैलेंस करना।
- नर्व्स और मसल्स के फंक्शन में मदद करना।
ऐसे मेंटेन करें सोडियम का लेवल
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। एक बार में ज्यादा पानी पीने से बचें।
- इसके साथ ही हेल्दी, बैलेंस डाइट लें। फ्रोजन प्रोडक्ट या प्रोसेस फूड के लेवल को जरुर पढ़ें।
- खाने में ऊपर से नमक बिल्कुल न डालें और हाई सोडियम स्नैक्स लेने से बचें।
- शराब का सेवन ना करें।