By एकता | Jan 26, 2026
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित प्रसिद्ध भरमाणी माता मंदिर की चोटियों पर लापता हुए दो भाइयों की तलाश एक बेहद दुखद अंत के साथ खत्म हुई। इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा उस वफादार पालतू कुत्ते की हो रही है, जो हाड़ कपाने वाली ठंड में चार दिनों तक अपने मालिक के शव के पास 'फरिश्ता' बनकर बैठा रहा।
बीते शुक्रवार को मलकौता का 19 वर्षीय विकसित राणा और उसका 13 वर्षीय ममेरा भाई पीयूष कुमार मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद, युवाओं के उत्साह और सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने की चाहत उन्हें मंदिर के ऊपर बर्फीली और खतरनाक चोटियों की ओर ले गई। वे अपने साथ अपने पालतू कुत्ते को भी ले गए थे। भारी बर्फबारी और फिसलन की वजह से दोनों भाई वहां फंस गए और उनका संपर्क टूट गया।
जब रेस्क्यू टीम पहाड़ियों पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सबकी आंखें नम हो गईं। शून्य से नीचे के तापमान और भारी बर्फबारी के बीच, पीयूष का पालतू कुत्ता चार दिनों से अपने मालिक के बेजान शरीर के पास बैठा हुआ था।
वह कुत्ता कड़ाके की ठंड में न कहीं गया और न ही उसने किसी जंगली जानवर को शव के पास आने दिया। बताया जा रहा है कि वफादार कुत्ता इतना भावुक था कि वह शुरू में रेस्क्यू टीम को भी शव के पास आने नहीं दे रहा था। टीम ने कुत्ते को सुरक्षित बचा लिया है और उसे हेलीकॉप्टर के जरिए नीचे लाया गया है।
प्रशासन ने दोनों भाइयों को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। स्थानीय पुलिस, पर्वतारोहियों और ग्रामीणों के साथ-साथ ड्रोन की मदद ली गई। तीसरे दिन वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया।
भारी मशक्कत के बाद टीम ने बर्फ के नीचे से पहले पीयूष (13 वर्ष) और फिर विकसित (19 वर्ष) का पार्थिव शरीर बरामद किया। विधायक जनक राज ने इस दुखद खबर की पुष्टि की।