By एकता | May 01, 2026
देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे जनता की जेब पर बोझ बताया है। कांग्रेस ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि महंगाई बेकाबू होती जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई का झटका लगेगा।
राहुल गांधी ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि कमर्शियल गैस महंगी होने से छोटे दुकानदारों, ढाबा चलाने वालों, हलवाई और बेकरी जैसे कारोबारों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब इन व्यापारियों का खर्च बढ़ेगा, तो इसका सीधा असर आम जनता के खाने की थाली पर होगा। राहुल गांधी ने यह भी आशंका जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी तीखा तंज कसते हुए कहा कि महंगाई सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी की सच्चाई है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद बाजार जाकर सामान नहीं खरीदते, उन्हें आम आदमी की तकलीफ समझ नहीं आती। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार को बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी पर संसद में गंभीर चर्चा करनी चाहिए और इस जनविरोधी कदम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
विपक्ष का मानना है कि लगातार बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ रही हैं। रसोई का बजट बिगड़ने से हर घर में चिंता का माहौल है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत सफाई नहीं आई है, लेकिन जिस तरह से विपक्ष एकजुट होकर सवाल उठा रहा है, उससे आने वाले दिनों में यह राजनीतिक मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।