By अनन्या मिश्रा | Jan 16, 2026
ज्योतिष शास्त्र में शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित माना जाता है। शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता कहा जाता है। वहीं जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। मान्यता है कि जब शनिदेव किसी पर प्रसन्न होते हैं, जो जातक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कष्ट दूर होते हैं। लेकिन जब शनिदेव की दशा खराब होती है, या कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तो जातक को कई तरह की परेशानियों और कष्टों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करना और उनकी कृपा प्राप्त करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी शनि की प्रतिकूल दशा से गुजर रहे हैं या फिर जीवन में किसी तरह के कष्टों से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय लाभकारी हो सकते हैं। इन उपायों में काले तिल का विशेष महत्व होता है। क्योंकि शनिदेव को काले तिल अत्यंत प्रिय हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको काले तिल से जुड़े तीन प्रभावी उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन उपायों को करके आप शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं और कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं।
शनिदेव को सरसों का तेल और काले तिल बहुत पसंद हैं। इन चीजों को अर्पित करने से शनिदेव की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और वे प्रसन्न होते हैं। यह उपाय शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे प्रभावों को कम करने में भी सहायक है।
हर शनिवार की शाम को स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनें।
किसी शनि मंदिर में जाएं या फिर अपने घर में ही शनिदेव की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठ जाएं।
अब दीपक में सरसों का तेल डालकर इसमें थोड़े से काले तिल मिला लें।
दीपक को शनिदेव के सामने प्रज्वलित करें।
फिर 'ऊँ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें।
शनि चालीसा का पाठ करें।
दीपक प्रज्वलित करने के बाद शनिदेव अपने कष्टों को दूर करने और कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करें।
ज्योतिष शास्त्र में दान-पुण्य करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए। काले तिल का दान करने से शनिदेव की नकारात्मक ऊर्जा शांत होती है। वहीं जातक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस उपाय को करने से दरिद्रता दूर करने और आर्थिक समस्याओं से मुक्ति पाने में सहायक है।
हर शनिवार को सुबह या शाम के समय एक मुट्ठी काले तिल लें।
अब किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को या किसी भिखारी को काले तिल को दान करें।
वहीं शनिवार को शनि मंदिर में इन तिलों का दान कर सकते हैं।
माना जाता है कि काले तिल का दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। शनिदेव जातक के कष्टों को हर लेते हैं।
पीपल के पेड़ को देव वृक्ष माना जाता है। इसमें सभी देवी-देवताओं का वास होता है। पीपल के पेड़ में शनिदेव का भी वास होता है। पीपल के पेड़ में जल अर्पित करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। काले तिल के साथ यह उपाय शनि के बुरे प्रभावों को दूर करने में बहुत शक्तिशाली है। इन उपाय को करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। वहीं जातक के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जातक को मानसिक शांति भी मिलती है।
शनिवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद एक लोटे में शुद्ध जल भर लें।
अब इस जल में थोड़ा सा काले तिल मिला लें।
इस जल को किसी पीपल के पेड़ की जड़ में अर्पित करें।
पीपल के पेड़ में जल अर्पित करते समय 'ऊँ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जाप करें।
पीपल में जल अर्पित करने के बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा करें।
शनिवार को इन उपायों को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करें।
उपाय करते समय मन में किसी तरह का छल-कपट न रखें।
शनिवार को मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं सात्विक भोजन करें।
उपाय करने से पहले ज्योतिषी से सलाह लेना उचित हो सकता है।
इनमें से कोई भी एक उपाय शनिवार को करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। वहीं इन उपायों को करने से जीवन से सारे कष्ट मिटेंगे और जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का वास होगा।