By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 03, 2020
इसे भी पढ़ें: जीवन बचाना ज्यादा जरूरी, बाद में आता है आजीविका बचाना: सिद्धार्थनाथ सिंह
इसे भी पढ़ें: घर वापसी की खुशी से चमक रहा था नासिक से पहली विशेष ट्रेन से लौटे मजदूरों का चेहरा
उधर, जरी-जरदोजी कारीगरों की स्थिति भी दयनीय हो गयी है। इन कारीगरों ने भी राज्य सरकार से राहत की मांग की है। जरदोजी यूनियन के पूर्व उपाध्यक्ष आसिफ अली ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जरदोजी कारीगरों को भी श्रमिकों की तरह एक-एक हजार रुपये की सहायता देने की मांग की है। अली ने बताया कि लखनऊ में करीब 50 हजार परिवारों के लगभग ढाई लाख लोगों की रोजी-रोटी जरी-जरदोजी के काम पर ही टिकी है। मगर, लॉकडाउन के कारण कारोबार ठप है और कारीगर फ़ाक़ाकशी को मजबूर हैं। जरदोजी कारीगर नसीब बानो ने बताया कि लॉकडाउन के कारण काम बंद है और कारीगरों के सामने खाने-पीने का संकट है। सरकार ने हमारी कोई मदद नहीं की है। हम रोजाना जो काम करते थे, उसी से गुजारा होता था। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी मदद करे। मालूम हो कि लखनऊ अपने चिकन और जरी—जरदोजी की कढ़ाई वाले कपड़ों के लिये पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां बने कपड़ों की देश के विभिन्न राज्यों उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, केरल और महाराष्ट्र में खासी मांग होती है। इसके अलावा सऊदी अरब, अमेरिका, सिंगापुर समेत अनेक देशों में इनका निर्यात भी होता है।