By अभिनय आकाश | Sep 18, 2026
क छोटे से विद्रोही गुट ने सऊदी अरब का F1-15 लड़ाकू विमान मार गिराया है। उसके बाद यह F15 लड़ाकू विमान के मलवे पर खड़े होकर जश्न मना रहे हैं। मलबे को पलट-पलट कर उस पे लगा सऊदी अरब का झंडा दिखा रहे हैं। विमान का नंबर दिखा रहे हैं। इसी बड़ी घटना के बीच रूस को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया गया है जिस पर हम आगे बात करेंगे। लेकिन सबसे पहले इस तस्वीर और सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे दो दिलचस्प सवालों के बारे में जान लीजिए। सोशल मीडिया पर एक सवाल पूछा जा रहा है कि भारत और दुनिया में बैठे कट्टरपंथी, फर्जी बुद्धिजीवी और वामपंथी हमेशा आरएसएस को गालियां देते हैं। बोलते हैं कि आरएसएस हिंदू मुस्लिम करती है। मगर इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का पर किसने हमला किया? यह हमला करने वाले मुस्लिम ही थे।
जैसे एक विद्रोही संगठन द्वारा इसे मार गिराना एक बहुत बड़ी घटना है। दावों के मुताबिक दो दिन पहले सऊदी अरब ने चीन से मिली डीएफ-15 बैलेस्टिक मिसाइल भी हूतियों के ठिकाने पर दागी थी। लेकिन वो मिसाइल निशाना चूक गई। यमन के स्थानीय लोगों ने हाथों से ही उस अधमरी मिसाइल को पलट दिया। बहरहाल इस पूरे विवाद में रूस का नाम लेकर बहुत बड़ा ऐलान किया गया है। हालांकि ये नाम लेने वाला अमेरिकी चैनल है। इस चैनल की साख पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। लेकिन इसने जो कहा है वो आप एक बार सुन लीजिए। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के एक जबरदस्त हमले से 2 दिन पहले रूस के 14 जासूसी सेटेलाइट सऊदी अरब में अमेरिकी मिलिट्री बेस के ऊपर से गुजरे थे। यानी सीएनएन बोल रहा है कि रूस ने ईरान को वो कोऑर्डिनेट्स दिए जहां पर सऊदी अरब में अमेरिकी एयर बेस था।