By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज (मंगलवार को) विज्ञान-प्रौद्योगिकी को लेकर एक बड़ा फैसला किया।
सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल ने पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर बेहतर खिलाड़ी बनाया जाएगा।’’ मंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने और आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक युवाओं को कृत्रिम मेधा (एआई) का कौशल प्रशिक्षण देने का भी फैसला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से जो प्रमुख घोषणाएं की थीं, उनमें देश के युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था, उन्हें एआई का कौशल प्रशिक्षण देने, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर देने की बातें शामिल थीं।
सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में डिंडोरी जिले के देश में प्रथम स्थान पर आने का भी उल्लेख किया गया। इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिले और वहां की पूरी टीम को बधाई दी गई। उन्होंने कहा कि डिंडोरी जिले के सफल मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा ताकि वे भी योजना के सफल क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।