मध्य प्रदेश में सार्वजनिक स्थान में थूकने पर लगा 1000 रूपए का जुर्माना, दो दिन पहले ही राज्य सरकार ने किए है आदेश जारी

By दिनेश शुक्ल | Apr 29, 2020

भोपाल। कोरोना संक्रमण से बचाओ के लिए मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार हर संभव प्रयास जारी रखे हुए है। जिसकी बानगी बुधवार को उज्जैन में देखने को मिली जब सार्वजनिक स्थल पर थूकने वाले के खिलाफ नगर निगम अधिकारीयों ने 1000 रूपए का जुर्माना काटा दिया। उज्जैन में सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर यह जुर्माना लगाया गया। कोरोना काल के दौरान थूकने पर 1000 रु. के अर्थदंड का प्रदेश में यह पहला मामला सामने आया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने दो दिन पहले ही इसको लेकर आदेश जारी किए है। 

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मध्य प्रदेश में इसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर थूकना पूरी तरीके से प्रतिबंधित हो गया है। इसी के साथ शिवराज सरकार ने गुटखा और तंबाकू खाने पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि थूकने से कोरोना का संक्रमण फैलने की ज्यादा संभावना होती है। इसी को देखते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सार्वजनिक स्थानों में थूकने पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगा दिया है साथ ही अर्थदंड से दंडित करने के लिए नगरीय निकाय के आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को थूकने वालों के खिलाफ जुर्माना में अर्थदंड देने के लिए अधिकृत किया गया है।  

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इससे पहले कहा था कि प्रदेश में गुटखा और तंबाकू खाने पर भी अब प्रतिबंध होगा, क्योंकि गुटखा और तंबाकू खाने वाले सबसे ज्यादा थूकने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर चलाए जा रहे अभियानों को सफल बनाने के लिए गुटखा और तंबाकू की बिक्री पर रोक लगाई जाए। सरकार ने पहले ही 3 मई तक शराब की बिक्री पर भी रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने शराब की बिक्री को लेकर कहा कि 03 मई को लॉक डाउन खत्म होने पर शराब की बिक्री पर सरकार फैसला लेगी।

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उज्जैन में बुधवार को नोविल कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण को रोकने हेतु मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 418ए तथा 426ए एवं मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 346 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रदेश में कोरोना काल में थूकने पर पहला चालान काटा गया है। जिसमें थूकने वाले पर 1000 रूपए का अर्थदंड लगाया गया। फिलहाल भोपाल, इंदौर और उज्जैन में सख्ती के साथ लॉक डाउन का पालन कराया जा रहा है। क्योंकि यह तीनों शहर कोरोना हॉटस्पॉट बने हुए है। ऐसे में सरकार अब उन सभी उपायों पर विचार कर रही है, जो कोरोना को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं और यही वजह है कि सरकार ने थूकने को पूरी तरीके से प्रतिबंधित करने का यह फैसला किया है।

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