Madhya Pradesh: बाघों की मौत पर उच्च न्यायालय गंभीर, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 21, 2026

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य में बाघों की मौत के लगातार बढ़ते आंकड़ों पर गंभीरता जताते हुए मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। अदालत ने वन्य जीव कार्यकर्ता अजय दुबे की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया।

याचिका में बताया गया कि ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ की शुरुआत के बाद से एक साल में सबसे ज्यादा बाघों की मौत हुई है और इनमें से 57 प्रतिशत की मौत का कारण अप्राकृतिक है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की पीठ ने याचिका को गंभीरता से लेते हुए केन्द्र व राज्य सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग और राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से जवाब तलब किया।

याचिका में राज्य में बाघों के शिकार को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने, विशेषज्ञों की सिफारिशों को तुरंत लागू करने और संबंधित अधिकारियों के बीच तालमेल स्थापित करने के निर्देश देने का भी आग्रह किया गया।

याचिका में बताया गया कि दुनिया में बाघों की कुल आबादी 5,421 है, जिसमें से भारत में 3167 बाघ हैं, जिसमें से लगभग 25 प्रतिशत आबादी यानी 785 बाघ मध्यप्रदेश में हैं।

दुबे ने याचिका में बताया गया कि साल 2025 में मध्यप्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है जबकि 2022 में 43, 2023 में 45 और 2024 में 46 मौतें हुई थीं।याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य सांघी तथा अलका सिंह ने पैरवी की।

प्रमुख खबरें

Vinesh Phogat का मामला PM Modi तक पहुंचा, Sakshi Malik ने की निष्पक्ष Trial की अपील

Uday Kotak की बड़ी चेतावनी, America-Iran तनाव से भारत में जल्द फूटेगा महंगाई का बम

Stock Market में बड़ी गिरावट, Midcap-Smallcap शेयरों में सुनामी, Investors के लाखों करोड़ स्वाहा

डॉ. हरवंश चावला के नेतृत्व में BRISEC Chamber का बड़ा लक्ष्य, Global Partnership पर होगा फोकस