मराठा आरक्षण पर SC में सात जुलाई को होगी सुनवाई, याचिकाकर्ता ने कहा- महाराष्ट्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 01, 2020

औरंगाबाद। मराठा आरक्षण मामले के एक याचिकाकर्ता ने बुधवार को आरोप लगाया कि शिवसेना नीत महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उच्चतम न्यायालय में सात जुलाई को होने वाली सुनवाई से पूर्व याचिकाकर्ता विनोद पाटिल ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ही किसी भी अवांछनीय परिणाम के लिए जिम्मेदार होगी। उन्होंने कहा, ‘‘ राज्य सरकार मराठा आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर नजर नहीं आती है। सात जुलाई को इस मामले पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होने जा रही है लेकिन राज्य सरकार ने आगे का रास्ता निकालने पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली में किसी वरिष्ठ वकील से अब तक संपर्क नहीं किया है।’’ 

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याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग अधिनियम शीर्ष अदालत द्वारा इंदिरा साहनी मामले में अपने ऐतिहासिक फैसले में तय की गयी 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा का उल्लंघन करता है। इस अधिनियम में मराठा समुदाय के लोगों के लिए शिक्षा और नौकरियों में क्रमश: 12 और 13 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है।

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