By अंकित सिंह | Apr 25, 2026
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य में मराठी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन भाषा के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ते तनाव को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए फडणवीस ने कहा कि मुंबई जैसे शहरों और पूरे महाराष्ट्र में मराठी को बढ़ावा देना "गलत नहीं" है, लेकिन इसे जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे मुद्दे संघर्ष में तब्दील न हों।
खबरों के मुताबिक, इन बैनरों में चालकों को बंद में भाग न लेने की चेतावनी दी गई है और जनता को असुविधा होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई है। इस तरह के संदेशों ने क्षेत्र में गुंडागर्दी और भाषाई विभाजन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने घोषणा की है कि 1 मई से महाराष्ट्र भर में ऑटो और टैक्सी चालकों की मराठी भाषा की दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार ने कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ जैसे संस्थानों के साथ मिलकर गैर-मराठी भाषी चालकों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी, बल्कि चालकों की बुनियादी मराठी समझने और बोलने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। योग्य पाए जाने वालों को दक्षता प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया है कि चालकों के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान होना कोई नई बात नहीं है। यह पहले से ही मोटर वाहन ढांचे में शामिल है, जो राज्यों को परमिट के लिए ऐसी शर्तें लगाने की अनुमति देता है।