By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 04, 2023
मुंबई। महाराष्ट्र की तीन सरकारी बिजली कंपनियों के हजारों कर्मचारी बिजली कंपनियों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा महाराष्ट्र आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (मेसमा) लागू किए जाने के बीच यह कदम उठाया। कर्मचारी संघ के एक नेता ने यह जानकारी दी। वहीं, सरकार ने संबंधित अधिकारियों को राज्य में बिजली की सामान्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्णा भोइर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आधी रात से शुरू हुई इस हड़ताल में तीनों कंपनियों के हजारों कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं।
बिजली कंपनियों की 31 यूनियन की एक कार्य समिति महाराष्ट्र राज्य कर्मचारी, अधिकारी और अभियान संघर्ष समिति ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले महीने आंदोलन शुरू किया था। अडाणी समूह की बिजली कंपनी को ‘समानांतर वितरण लाइसेंस’ जारी नहीं करना उनकी प्रमुख मांग है। अडाणी समूह की एक कंपनी ने पिछले साल नवंबर में मुंबई के कुछ और क्षेत्रों में अपने बिजली वितरण कारोबार का विस्तार करने के लिए लाइसेंस मांगा था।